स्वतंत्रता
आज कृष्णा जन्माष्टमी है और स्वतंत्रतादिवस भी। कैसा अदभुद संयोग है। कृष्णजी की जेल से मुक्ति और हमारी अंग्रेजो से मुक्ति हुई । एक धार्मिक पर्व और एक देशभक्ति का पर्व। दोनोहि राष्ट्रीय पर्वहै।कृष्ण ने गीता मैं सिखाया की एकता मैं जीत है। और यही राष्ट्रभक्ति का भी मूलमंत्र है।देश आज एक नए दौर से गुजर रहा है ।परिवर्तन की लहर बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है । किन्तु हमे बहुत सोच समझ् कर कदम उठाने चाहिए।क्योंकि पिछले दिनों जोभी हुआ उसमे पीछे हटने की कोई जगह नहीं है। परिवर्तन की राह मैं कहीँ बेगुनाह न पिस जाये ये ध्यान रखना होगा।एक बार पुनः जन्माष्टमी और स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई।
बहुत ही अद्भुत संयोग है ,स्वतन्त्रता दिवस,कृष्णा जन्माष्टमी और ब्लॉग के लेखक पुनीता जी का जन्मदिन सब एक ही दिन,यानी की आज 15 अगस्त।
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