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Showing posts from May, 2023

परिवार

आज विश्व परिवार दिवस है। पाश्चत्य देशों में इस तरह के दिवस मनाने की परंपरा है। क्यों कि वहां सभी एकल परिवार है। बच्चे adult होते ही माता पिता से अलग हो जाते है। तो एक दिन सब मिल कर सेलिब्रेट  करते है।           किंतु हमारे देश में तो हम परिवार के बीच ही बड़े होते है और जीवन पर्यन्त परिवार के साथ ही रहते है। अब हमारे देश में भी पाश्चत्य सभ्यता पैर पसार रही है। एकल परिवार बढ़ रहे है, बच्चे परिवार में अपने रिश्तों से दूर रहना चाहते है, उनके जीवन में कोई दखल दे वो उन्हे पसंद नही आता।                अभी कुछ समय पहले रॉबिन शर्मा की बुक The family wisdom पढ़ने का अवसर मिला।  परिवार के महत्व को बहुत सुंदर ढंग से समझाया है। परिवार ईश्वर की दी हुई पहली गिफ्ट है, जो हमे जन्म के साथ मिलती है, और इस उपहार को संभाल कर रखना चाहिए। बच्चो को दादा दादी,नाना नानी,और अन्य रिश्तों के महत्व को बताना चाहिए।न की उनसे दूर करना चाहिए, परिवार में हर रिश्ते का अपना महत्व होता है, और हम बचपन से बच्चो को बताए इस महत्व को तो जीवन पर्यंत वे रिश...

बीती ताहि बिसार दे।

जैसा लेख कि हेडिंग से ही पता चल रहा है बीती ताहि बिसार दे आगे की सुध ले। कितनी गहरी बात है, रोजमर्रा की जिंदगी में हम ये बात भूल गए, कई बार ऐसा होता है की हम जब भी अकेले होते है या परिवार के साथ होते है तो पुरानी बाते करते हैं। यादें मधुर मीठी हो तो बहुत अच्छा लगता है पुरानी यादों में खो जाना उसे युग में चले जाने का मन करता है। किंतु जब यादें सुकून देने वाली न हो तो उन्हे याद नही करना ही बेहतर है। भाई बहन या परिवार के सदस्य जब भी मिलते है तो ज्यादातर यही होता है, बचपन की यादों में खो जाते है , किंतु जब यही शिकवे, शिकायत, के रूप में सामने आती है तो मन दुःखी हो जाता है।इसीलिए हमें बीती ताहि बिसार दे याद रखना चाहिए। संबंधों की मधुरता इससे बनी रहती है।वही बाते याद रखे जिनसे मन को खुशी मिले और हम उन्हे बार बार दोहराना चाहे। हम में से कोई भी करोना को और उस बुरे भयावह समय को याद नही करना चाहते,पर जिनके अपने  साथ छोड़ गए उनकी तो याद आती ही है। हमें चाहिए की हम उनकी अच्छी यादों को याद करें और उस समय की बुरी यादों को भूलने की कोशिश करें,तभी जीवन आसान और सरल होगा।         ...