शिक्षा और शिक्षक
नमस्कार मित्रों,कल के बी सी मैं महाराष्ट्र की एक शिक्षिका ने 6 लाख की राशि जीती। उनका शुरू से ही प्रोग्राम देख रही थी। कितना दर्द था उन बातो मैं। बिन वेतन के बच्चों को ज्ञान दे रही उस शिक्षिका को सलाम। ये हमारे देश का दुर्भाग्य है कि शिक्षको को इन हालातो से गुजरना पड़ रहा है। शिक्षक दिवस पर पुरस्कार सम्मान सब दिखावा सा लगने लगा । जर्मनी मैं शिक्षको को सबसे ज्यादा वेतन दिया जाता है। वह किसी बड़े अधिकारी ने सवाल किया की हमसे ज्यादा वेतन एक टीचर को क्यों देते है। हम इनसे ज्यादा काम करते है। तब वहा के शिक्षा मंत्री ने कहा की जो आपको तैयार कर के पढ़ा लिखा के यहाँ तक लाया है उसे कैसे कम वेतन दे। और हम क्या कर रहे है। मुफ़्त मैं शिक्षक की सेवा ले रहे है । सरकार का ध्यान ही नहीं जा रहा है ।महाराष्ट्र जैसे राज्य मैं इतना बुरा हाल है।
और राज्यो की देखे तो वहा भी कम वेतन पर शिक्षक गाँवो मैं पढ़ाने के लिए रखे जा रहे है। अपना घर चलाने के लिए वे दूसरे काम भी करते है कोई बिसनेस करता है तो कोई एल आई सी का काम करता है। अच्छे नागरिक तैयार करने के लिए शिक्षा और शिक्ष्ाक दोनों की दशा सुधारना जरुरी है। अपने विचार अवश्य व्यक्त करे। इति
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