विचार शक्ति।
विचार शक्ति thought power हमारे दिमाग में एक दिन मे60,000 विचार आते है।ये thoughts नेगेटिव और पॉजिटिव दोनो ही तरह के होते है।reiki शक्ति के द्वारा हम negetive thoughts को positive सोच में बदल सकते है।
Luise hey ने हमारी thought power पर काफी रिसर्च करने के बाद हील योर बॉडी(heal your body) बुक लिखी।जिसमें विचारों से उत्पन्न बीमारियों के बारे में लिखा है।और साथ ही उन बीमारियों को अपने विचार बदलने पर ठीक होनेके बारे मे भी लिखा हैं।
हमारे शरीर में कोई भी बीमारी दो तरह से atteck करती है। शारीरिक और मानसिक रूप में।शरीरिक बीमारी का ईलाजdr. द्वारा तुरंत ही कर दिया जाता है। किन्तु मानसिक स्तर पर समझने में समय लगता है।
जबतक हम मानसिक रूप से स्वस्थ नही होगे तब तक बीमारी से मुक्ति नही मिल सकती है।डिप्रेशन के लिए dr. दवा देते हैं ,किंतु जब तक हम खुद उससे मुक्त होना नहीं चाहेंगे तब तक मुक्ति नही मिलेगी।इसके लिए हमें mental leval पर काम करना पड़ता है। तब रैकी काम करती है।
डाइबिटीज की तरह और भी कई बीमारियां है जिन्हें हम मानते है कि हमे heridity में मिली है। वास्तव में हम अपने parents से जो सीखते है सुनते है वही हमारे संस्कार बन जाते है,और हम वही विचार एवं वही सोच बना लेते है और आगे चल कर उसी बीमारी का शिकार होते है।
हर बीमारी के पीछे हमारी विचार शक्ति काम करती है।
जब भी हम वVictimise महसूस करते है या अपनी फीलिंग्स एक्सप्रेस नही कर तब हमें बोन्स से संबंधित बीमारी घेरती है। जब हम किसी परिस्थितियों से या किसी व्यक्ति से या किसी भी बात से irrited होते है तब हमें स्किन से संबंधित बीमारिया होती है। इसीतरह हर बीमारी के मानसिक कारण होते है। dr. की दवा के साथ यदि हम अपनी बीमारी का मानसिक कारण भी समझे तो दवा भी जल्दी असर करती है।luise hey ने अपनी book heal your body में इस तरह की कई बीमारियों के मानसिक कारणों का वर्णन किया हैं।
हर negetive विचार को positive विचार से बदला जा सकता है।
जैसे कि anaemia का मानसिक कारण life के आराम से नहीं चलते रहने पर ,जीवन में उत्साह की कमी,या अपने जीवन के प्रति भय होना ,anaemia का कारण बनता है। हम इस विचार को एक अच्छे विचार से बदल कर इससे जल्दी बाहर आ सकते है। हम ऐसा सोचे कि मै जीवन में happiness फील करता हु और इस life flow को स्वीकार करता हूं।अपने आप से प्यार करें लाइफ flow को स्वीकार करे तो जल्दी उस बीमारी से बाहर आएंगे।
इसलिए हमें अपनी विचार शक्ति को positve रख कर रैकी के साथ आगे बढ़ना होगा। हमारे लिए क्या अच्छा है क्या बुरा ये विचार करे और हर negetive विचार को positve विचार से बदले और स्वस्थ रहें।
इति
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