ओउम
ॐ नमः शिवाय।
एकल single शब्द मंत्र कहे जाते है ये बीज मंत्र कहे जाते हैं।ॐ उनमेंसे एक है।
हर शुभ कार्य से पहले ॐ का उच्चारण किया जाता है ।क्या कभी अपने सोचा हैकि ऐसा क्यों?हमारे हिन्दू शास्त्रो में ॐ का बहुत विस्तृत वर्णन किया गया है।ॐ की ध्वनि पूरे ब्रह्मांड मैं व्याप्त है। ॐ मैं 3 शब्द हैअ ऊ म। माना जाए तो ब्रह्मा ,विष्णु ,महेश, का वास है ॐ में।हम ओंकार का सही उच्चारण करते है तो पुरे शरीर में vibrations होती है। इसकी chanting से कंसन्ट्रेशन बढ़ता है,ये तनाव व anxiety को कम करता है।हमारी spinal को मजबूत करता है।AUM इन तीन शब्दों में पूरा ब्रह्मांड समाया है।
ये हमारे आज्ञा चक्र से जुड़ा हुआ हैं।ये हमारे मन, शरीर,और आत्मा को एकाकार करता है।
साइन्स में भी इस पर काफी रिसर्च हुई,जिसमे पता चला कि इसकी लगातार उच्चारण से हमारे शरीर के नर्व सिस्टम में ब्लड प्रेशर में,हार्ट रेट में बहुत परिवर्तन होता है। ये आपको आपकी सुपर पावर से जोड़ता है।ये यूनिवर्स की आवाज है जिसके लगातार chant करने पर आप अपनि हायर पावर से जुड़ जाते है।स्वास की गति नियंत्रण मैं रहती है।
इसलिए हमारे यह भारत में हर शुभ कार्य से पहले या किसी भी मंत्र के उच्चारण से पहले ॐ का उच्चारण किया जाता है ।
इति
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